विकास विद्यालंकार
विकास विद्यालंकार
प्रिय पाठकों,
मेरे निजी ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
परिचय
प्रिय पाठकों मेरा नाम विकास विद्यालंकार है। पेशे से मैं एक दार्शनिक हूँ। सत्य का अन्वेषण करना मेरा मूल ध्येय है। इसके लिए मैं प्रतिदिन स्वधाय करता हूँ। मेरा स्वानुभव ही मेरा सच्चा मार्गदर्शक है।
उद्देश्य
मेरा उद्देश्य दुनिया जहान में प्रतिदिन चल रही घटनाओं का दार्शनिक अन्वेषण करना है। इस उद्देश्य के लिए मेरे द्वारा दार्शनिक विधियों का प्रयोग किया जाएगा।
योग्यता
मैं दर्शनशास्त्र विषय से परास्नातक में उत्तीर्ण हूँ और वर्तमान में इसी विषय में Ph.D कर रहा हूँ। तर्क करना मेरी कला है और तर्क को ही मैं अनुभव पूर्व ज्ञान मानता हूँ।
मेरा ध्येय वाक्य
“दर्शन ही जीवन है”
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